क्या ट्रंप और शी की मुलाकात से व्यापार में आएगी शांति..?

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क्या ट्रंप और शी की मुलाकात से व्यापार में आएगी शांति..?

क्या ट्रंप और शी की मुलाकात से व्यापार में आएगी शांति..?

शनिवार को जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने चीनी समकक्ष शी जिनपिंग के साथ रात्रिभोज की मेज पर बैठेंगे तो जाहिर तौर पर इसका वैश्विक असर होगा. पूरी दुनिया की नजर इस ओर है कि उनकी यह मुलाकात व्यापार शांति लाएगी या नहीं. वे किस बात पर सहमत होंगे और किस बात पर नहीं इससे तय होगा कि शेयर बाजार गिरता है या उठता है. इससे यह भी तय होगा कि दोनों देशों के बीच व्यापार तनाव से विश्व अर्थव्यवस्था को कुछ राहत मिलेगी या नहीं.ट्रंप और शी जहां दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच व्यापार युद्ध से राहत की पहल कर सकते हैं. वहीं उन्हें अपने-अपने लोगों के समक्ष प्रतिष्ठा बचाने की भी कोशिश करनी होगी. शुक्रवार को अमेरिकी राष्ट्रपति ने समझौदे को लेकर उम्मीद जताई. उन्होंने कहा, ‘कुछ अच्छे संकेत हैं. हम देखेंगे, क्या होता है.’जी-20 शिखर सम्मेलन के लिए ट्रंप की दो दिवसीय अर्जेंटीना यात्रा के दौरान ट्रंप की यह मुलाकात महत्वपूर्ण होगी. इससे पहले उन्होंने रूस और यूक्रेन के बीच बढ़ते तनाव के चलते रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ अपनी बैठक रद्द कर दी थी. व्यापार विशेषज्ञों और प्रशासनिक अधिकारियों ने माना कि यह आसान नहीं होगा.आयात शुल्क को लेकर आमने सामने है चीन और अमेरिकाअमेरिका और चीन अपने व्यापार असंतुलन और अमेरिकी प्रौद्योगिकी प्रभुत्व को चुनौती देने की चीन की कोशिश के चलते एक-दूसरे के साथ विवाद में उलझे हैं. ट्रंप ने चीनी उत्पादों पर 250 अरब डॉलर का आयात कर लगा दिया है. यदि शी के साथ उनका समझौता नहीं होता है तो वह एक जनवरी से इस शुल्क को दोगुना कर देंगे.ट्रंप ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापानी प्रधानमंत्री शिंजो आबे से त्रिपक्षीय मुलाकात की थी. शी के साथ मुलाकात से पहले संकेत स्पष्ट था कि चीन के क्षेत्रीय प्रभाव का सामना करने के लिए ट्रंप प्रशासन भारत और जापान के साथ काम करेगा. अमेरिका की कार्रवाई के जवाब में चीन ने अमेरिकी उत्पादों पर 110 अरब डॉलर का शुल्क लगाया है.

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