LIVE Updates: लोकसभा में आज राफेल सौदे पर CAG की रिपोर्ट होगी पेश, हंगामा के आसार

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LIVE Updates: लोकसभा में आज राफेल सौदे पर CAG की रिपोर्ट होगी पेश, हंगामा के आसार

LIVE Updates: लोकसभा में आज राफेल सौदे पर CAG की रिपोर्ट होगी पेश, हंगामा के आसार

संसद में आज यानी मंगलवार को राफेल सौदे पर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट पेश की जा सकती है. इसे देखते हुए संसद के निचले सदन लोकसभा में जोरदार हंगामा होने की संभावना है.हालांकि अभी तक लोकसभा के मंगलवार के कामकाज में CAG की इस रिपोर्ट का कोई जिक्र नहीं है, लेकिन सरकार से जुड़े सूत्रों के अनुसार अंतिम वक्त में इसे शामिल किया जा सकता है.

TIMES NOW accesses inside particulars of the CAG report which might be tabled in parliament in the present day, the report won’t specify the pricing particulars of the Rafale plane and offset contracts won’t be half of the present report @AditiAnarayanan with additional particulars #CAGRafaleReport pic.twitter.com/Qibfvh3w3d
— TIMES NOW (@TimesNow) February 12, 2019
वहीं कांग्रेस ने CAG की इस रिपोर्ट को पूर्वनिर्धारित बताया है.बता दें कि मौजूदा बजट सत्र इस सरकार का अंतिम पूर्ण सत्र है. बुधवार को यह सत्र खत्म हो रहा है. अप्रैल-मई में आम चुनाव के बाद 17वीं लोकसभा का गठन होगा. ऐसे में माना जा रहा है कि मगंलवार को राफेल पर CAG की रिपोर्ट संसद के पटल पर रखी जाएगी.क्या है राफेल सौदा?राफेल डबल इंजन से लैस आधुनिक लड़ाकू विमान है. इसका निर्माण फ्रांस की कंपनी दसॉ एविएशन ने किया है. भारत सरकार ने फ्रांस के साथ 36 आधुनिक लड़ाकू विमान खरीदने का सौदा किया है. फ्रांस यात्रा के दौरान अप्रैल 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोनों देशों की सरकार के स्तर पर समझौते के तहत 36 राफेल विमानों के खरीदने की घोषणा की थी.भारत और फ्रांस के बीच 36 विमानों का यह सौदा 58,000 करोड़ रुपयों का है. राफेल लड़ाकू विमानकांग्रेस लगातार मोदी सरकार पर इस सौदे में भ्रष्टाचार का आरोप लगा रही है. पार्टी इसे मुद्दे पर सड़क से संसद तक में जोर-शोर से विरोध-प्रदर्शन कर रही है. कांग्रेस का आरोप है कि उसके (यूपीए) शासनकाल में भारत सरकार द्वारा वायुसेना की मजबूती के लिए फ्रांस से 126 विमानों के लिए 54,000 करोड़ रुपए में सौदा तय किया गया था. लेकिन 2014 में केंद्र में सत्ता आने पर मोदी सरकार ने विमानों की संख्या को 126 से घटाकर 36 कर दिया जबकि लागत बढ़ाकर 58,000 करोड़ रुपए कर दिया.

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