‘चोरी’ के फीचर पर चल रहा है व्हॉट्सऐप, बैन करने का मुकदमा

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'चोरी' के फीचर पर चल रहा है व्हॉट्सऐप, बैन करने का मुकदमा

‘चोरी’ के फीचर पर चल रहा है व्हॉट्सऐप, बैन करने का मुकदमा

व्हॉट्सऐप मुश्किल में है. ये मुश्किल छोटी-मोटी नहीं गंभीर हो सकती है. आरोप है कि व्हॉट्सऐप ‘चोरी’ की तकनीक पर काम कर रहा है. आरोप लगाने वाली कंपनी ब्लैकबेरी है. ब्लैकबेरी ने फेसबुक पर मुकदमा भी किया है.जब दुनिया दो हिस्सों में बटीं थी2000 के शुरुआती सालों में मोबाइल की दुनिया में दो तरह के लोग होते थे. एक जिन्हें सेब यानी एपल पसंद थे. एक जिन्हें बेरी यानी ब्लैकबेरी पसंद थीं. आसान शब्दों में एक जिन्हें क्वर्टी कीपैड अच्छा लगता था. एक जिन्हें टच फोन. ब्लैकबेरी के पास एक ब्लैकबेरी मैसेंजर होता था.ब्लैकबेरी मैसेंजर स्वैग वाली चीज़ थी. बीबीएम, को आधुनिक व्हॉट्सऐप का पिता कह सकते हैं. अगर दो लोगों के पास ब्लैकबेरी है और एक दूसरे का पिन है तो वो व्हॉट्सऐप पर एक दूसरे के साथ चैट कर सकते थे, फोटो और तमाम दूसरी चीज़ें भेज सकते थे. फिर दुनिया में व्हॉट्सऐप आ गया. व्हॉट्सऐप ने लगभग वही सारी चीजें फ्री में देनी शुरू कर दी. इसके बाद क्या हुआ सबको पता है. बीबीएम आउट डेटेड हो गया. और व्हॉट्सऐप ने स्काइप निंबज़ जैसी तमाम दूसरी मैसेजिंग ऐप को हाशिए पर ढकेल दिया.फेसबुक की एंट्रीव्हॉट्सऐप को फेसबुक ने खरीद लिया. इसके बाद इसमें कई सुधार हुए. फ्री वॉयस कॉल, वीडियो कॉल सीन, मैसेज, डीपी और तमाम फीचर आए. सबसे आसान बात ये कि आपको कोई आईडी नहीं बनानी, कोई पासवर्ड याद नहीं रखना. फोन में सिम डालिए, नंबर व्हॉट्सऐप पर डालिए और सब शुरू. फेसबुक ने व्हॉट्सऐप के फीचर अपने मैसेंजर ऐप में भी कॉपी किए. कुछ चीज़ें इंस्टाग्राम पर भी आईं. लेकिन ये सारे आईडिया ओरिजनली बीबीएम के ही थे.अब क्या होगाब्लैकबेरी ने अपनी इंटलेक्चुअल प्रॉपर्टी की चोरी का दावा किया है. ये साफ नहीं है कि ये सारे पेटेंट उसके पास थे या नहीं. लेकिन अगर ये दावा सही बैठता है तो ये कई अरब डॉलर की रकम बनेगी. फाइनल अमाउंट ब्लैकबेरी की अकाउंटिंग के बाद सामने आएगा. लेकिन ऐसा पहले भी हुआ है कि इन कंपनियों को ऐसे हर्जाने भरने पड़े हों.फेसबुक का जवाब शायद आपको पता हो फेसबुक अपने आप में चोरी का आइडिया है. हार्वर्ड कनेक्शन नाम की वेबसाइट बनाने की बात मार्क ज़करबर्ग से कही गई थी. उसमें कुछ इंप्रूवमेंट के साथ उन्होंने फेसबुक बना लिया. बाद में फेसबुक को काफी बड़ी राशि अपने पुराने ‘दोस्तों’ को भरनी पड़ी थी.इस बार फेसबुक ने कहा है कि इस मुकदमे से पता चलता है कि बीबीएम की मैसेजिंग कितनी खराब हालत में है. वो इनोवेशन नहीं कर रहे हैं और दूसरों पर आरोप लगा रहे हैं. हम लड़ेंगे.

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