अमित शाह ने तेलंगाना चुनाव पर उठाए सवाल, जवाब मिला- पहले मोदी से 2002 के बारे में पूछिए

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अमित शाह ने तेलंगाना चुनाव पर उठाए सवाल, जवाब मिला- पहले मोदी से 2002 के बारे में पूछिए

अमित शाह ने तेलंगाना चुनाव पर उठाए सवाल, जवाब मिला- पहले मोदी से 2002 के बारे में पूछिए

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने तेलंगाना में वक्त से पहले कराए जा रहे चुनाव पर सवाल उठाया बदले में चंद्रशेखर राव की पार्टी तेलंगाना राष्ट्र समिति ने उल्टा सवाल उठाया है कि वो पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनके गुजरात में मुख्यमंत्री रहते वक्त 2002 के चुनावों पर पूछें.पार्टी ने अमित शाह के सवालों के जवाब में कहा है कि केसीआर वही कर रहे हैं, जो 2002 में तत्कालीन गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था.बता दें कि बुधवार को अमित शाह चुनाव प्रचार के लिए तेलंगाना पहुंचे हुए थे. यहां उन्होंने कहा था कि अगर ये चुनाव लोकसभा चुनावों के साथ हुए होते तो मोदी फैक्टर की वजह से केसीआर हार जाते. इसलिए उन्होंने जल्दी चुनाव कराने का फैसला किया. उन्होंने कहा कि केसीआर मोदी से डरे हुए हैं.उन्होंने ये भी कहा कि तेलंगाना की सरकार में मुख्यमंत्री रहे केसीआर ने सरकार को भंग करके जनता पर करोड़ों का चुनावी खर्चों का भार थोप दिया है.इसपर करीमनगर से लोकसभा सांसद बी विनोद कुमार ने सवाल उठाए है कि कई सारे बड़े नेता वक्त-वक्त पर जल्दी चुनाव करवा चुके हैं, फिर केसीआर पर सवाल क्यों उठाए जा रहे हैं?उन्होंने कहा, ‘सभी राजनीतिक पार्टियां कभी न कभी वक्त से पहले चुनाव करवा चुकी हैं. इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, अटल बिहारी वाजपेयी, एनटी रामाराव और एन चंद्रबाबू नायडू, यहां तक की नरेंद्र मोदी भी जल्दी चुनाव करवा चुके हैं. आप पहले नरेंद्र मोदी से पूछिए कि उन्होंने 2002 में क्यों आठ महीने पहले चुनाव करवाया था?’अमित शाह ने ये दावे भी किए थे कि केसीआर ने 2014 के चुनावों में एक दलित को मुख्यमंत्री बनाने का वादा किया था, जिसे उन्होंने पूरा नहीं किया. शाह ने केसीआर पर ये भी आरोप लगाए कि वो अपनी बेटी के कविता या अपने बेटे केटी रामाराव को मुख्यमंत्री बनाना चाहते हैं.इस पर कुमार ने जवाब दिया कि ‘अमित शाह को पता होना चाहिए कि केसीआर ने 2014 में ऐसा कोई बयान नहीं दिया था. तब हमें ये बिल्कुल स्पष्ट था कि केसीआर ही मुख्यमंत्री बनेंगे. हमने ऐसा कभी नहीं कहा था कि कोई दलित हमारा सीएम बनेगा.’ उन्होंने कहा कि इस बार के सीएम भी केसीआर ही होंगे.राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि टीआरएस और बीजेपी में किसी तरह का गुप्त समझौता हुआ है, इससे कुमारने पूरी तरह से इंकार किया. उन्होंने कहा, ‘बिल्कुल नहीं. हमारा बीजेपी या कांग्रेस से कोई राजनीतिक गठबंधन न तो अभी है और ना ही भविष्य में होगा.’बता दें कि तेलंगाना में 7 दिसंबर को विधानसभा चुनाव होने हैं. केसीआर ने 6 सितंबर को राज्य की सरकार को भंग करके समय से पहले चुनावों की मांग की थी. अब राज्य में वक्त से नौ महीने पहले ही चुनाव होने हैं.

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